*अकेले हम बूँद हैं, मिल जायें*
*तो सागर हैं.........*
*अकेले हम धागा हैं,मिल जायें*
*तो चादर हैं..........*
*अकेले हम कागज हैं, मिल*
*जायें तो किताब हैं....*
*अकेले हम अलफाज हैं, मिल*
*जायें तो जवाब हैं.........*
*अकेले हम पत्थर हैं, मिल*
*जायें तो इमारत हैं...!*
*ईसलिये मिलकर रहें क्योंकि*
*एकता में शक्ति है.....!!*
☕ 🌞 🇮🇳 *सुप्रभात*
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